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तालिबान प्रवक्ता ने ही खोली पाकिस्तान की पोल, कहा-'हमारा दूसरा घर है पाकिस्तान, उससे और मजबूत करेंगे रिश्ते'

WebdeskAug 27, 2021, 12:00 AM IST

तालिबान प्रवक्ता ने ही खोली पाकिस्तान की पोल, कहा-'हमारा दूसरा घर है पाकिस्तान, उससे और मजबूत करेंगे रिश्ते'
तालिबान प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद


मुजाहिद ने पाकिस्तान के एरी चैनल से बात करते हुए साफ कहा कि पाकिस्तान तो तालिबान का दूसरा घर ही है। उसने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों की मजबूती का पूरा ध्यान रखा जाएगा



तालिबान का प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद पाकिस्तान के ही एक चैनल पर कुछ ऐसा बोल गया जिससे पाकिस्तान का इस आतंकी संगठन के साथ-साथ होने की पुष्टि हो गई है। तालिबान के जिहादी अभियान को हर तरह की मदद करने वाले पाकिस्तान का पर्दाफाश खुद तालिबान प्रवक्ता के ही मुंह से हो गया है। मुजाहिद ने 25 अगस्त को पाकिस्तान के एरी चैनल से बात करते हुए खुलकर कहा कि पाकिस्तान तो तालिबान का दूसरा घर ही है। उसने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों की मजबूती का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने स्वीकारा था कि इस्लामाबाद में तालिबानी लड़ाके और उनके परिवार रहते हैं, जिनकी तीमारदारी का पूरा ख्याल पाकिस्तान रख रहा है।
तालिबान प्रवक्ता यह जोश में नहीं, पूरी समझ-बूझ के साथ बोला था इसलिए अब सालेह जैसे अफगान नेताओं की यह बात पुख्ता तौर पर पुष्ट हो गई है कि पाकिस्तान ने ही अफगानिस्तान में तालिबान को आतंकी लड़ाके और हथियार उपलब्ध कराए हैं। तालिबान प्रवक्ता ने चैनल पर पड़ोसी पाकिस्तान के साथ कारोबारी और दूसरे रणनीतिक संबंध और गहराने की कसम खाई। भारत के संबंध में तालिबानी प्रवक्ता का कहना था कि तालिबान भारत के साथ भी अच्छे रिश्ते चाहता है।

मुजाहिद ने साक्षात्कार में आगे कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सरहद जुड़ी हुई है। मजहब के नाते दोनों पारंपरिक रूप से आपस में जुड़े हुए हैं। दोनों मुल्कों के लोग आपस में घुलते—मिलते हैं। इसीलिए तालिबान पाकिस्तान के साथ रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं। मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान ने कभी भी तालिबान से जुड़े मामलों में दखल नहीं दिया है। इतना ही नहीं, मुजाहिद यह भी बोला कि पाकिस्तान तथा भारत को अपने बीच के विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए बैठकर बात करनी चाहिए।

मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सरहद जुड़ी हुई है। मजहब के नाते दोनों पारंपरिक रूप से आपस में जुड़े हुए हैं। दोनों मुल्कों के लोग आपस में घुलते-मिलते हैं। इसीलिए तालिबान पाकिस्तान के साथ रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं।

अफगानिस्तान में सरकार कब बनेगी, इस बारे में तालिबानी प्रवक्ता का कहना था कि वे मजबूत और इस्लाम पर आधारित सरकार बनाना चाहते हैं। सरकार में सभी अफगान नागरिक शामिल हों। रॉयटर्स की खबर है कि तालिबान ने ग्वाटेनामो जेल में कैद रहे मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर को केयरटेकर रक्षा मंत्री घोषित किया है। हालांकि उसकी नियुक्ति की अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
मुजाहिद ने दोहराया कि तालिबान किसी दूसरे देश के विरुद्ध अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा। विशेषज्ञों कहते हैं कि यह हैरानी की बात है कि जो तालिबान अफगान नागरिकों व अन्यों के साथ जानवरों जैसी हैवानियत दिखा रहे हैं वे ऐसी बातें कर रहे हैं। वे किसको भ्रम में रखना चाहते हैं? अफगानिस्तान में जगह-जगह से तालिबान की बर्बरता की खबरें आ रही हैं। एक नहीं हजार वीडियो हैं जिनमें तालिबान लड़ाके बंदूकें लिए काबुल और अन्य स्थानों पर घूमते हुए लोगों को बेवजह धमकाते, पीटते दिखते हैं।

 

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Comments
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Anonymous
on Aug 27 2021 13:47:16

यह बात अमरीका बीस साल में भी नहीं समझ सका कि पाकिस्तान तो तालिबान का दूसरा घर ही था और है।

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