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अफगानिस्तान के हालात देखकर सीएए का विरोध करने वाले अकाली दल के बदले सुर

WebdeskAug 25, 2021, 12:00 AM IST

अफगानिस्तान के हालात देखकर सीएए का विरोध करने वाले अकाली दल के बदले सुर


सीएए और कृषि कानूनों के मामले में सरकार का विरोध कर रहे अकाली दल के सुर बदले नजर आ रहे हैं। अफगानिस्तान के हालात और वहां से हो रहे पलायन को देखते हुए अकाली दल का कहना है कि सीएए के तहत भारतीय नागरिकता देने की समयसीमा बढ़ाई जाए ताकि अफगानिस्तान से आने वाले सिखों व हिंदुओं को इसका लाभ मिल सके


नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा से गठबंधन तोड़ने वाले शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के सुर अब इस कानून को लेकर बदले नजर आ रहे हैं। अब वे इसके विरोध के बजाय कानून के प्रविधान में संशोधन की मांग करते हुए इसका लाभ उठाना चाहते हैं। उनका कहना है कि सीएए के तहत भारतीय नागरिकता देने की समयसीमा बढ़ाई जाए, ताकि अफगानिस्तान से आने वाले सिखों व हिंदुओं को इसका लाभ मिल सके।

अफगानिस्तान के हालात को देखते हुए अकाली दल के नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के निर्वतमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया के जरिए मोदी सरकार से सीएए की समय सीमा को दिसंबर 2014 से बढ़ा कर 2021 तक करने की मांग की है। इस ट्वीट में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से अफगानिस्तान में फंसे हिंदू और सिख शरणार्थियों को लाने का भी अनुरोध किया है।

 बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद वहां अफरा तफरी का माहौल है। अफगान के लोग अपनी जान बचाने के लिए घर-बार छोड़कर दूसरे देशों में शरण ले रहे है। इसी को लेकर मनजिंदर सिंह सिरसा ने चिंता जाहिर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
 

 

Comments
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Anonymous
on Aug 25 2021 23:04:10

भाजपा ने कहा सीएए कानून नागरिकता देने के लिये है छीनने के लिये नहीं विरोधी अब तक राजनिति करता आया है।आसल में ये लोग नहीं चाहता है अफगानिस्तान पाकिस्तान से हिंदू सिक्ख देश वापस आये देश विभाजन के समय से ही ये लोग अढ़चने पैदा कर रहा है सेक्युलर राष्ट्र बनाने के लिये

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