पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

विश्व

पीस पार्टी और सपा सांसद हैं तालिबान समर्थक

WebdeskAug 17, 2021, 12:24 PM IST

पीस पार्टी और सपा सांसद हैं तालिबान समर्थक


तालिबानी आतंक से वहां के नागरिक दहशत में हैं. एक अफगानिस्तान का नागरिक तो हवाई जहाज का पहिया पकड़ कर लटक गया. विमान के उड़ने के बाद उसकी मृत्यु हो गई. मगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान एवं पीस पार्टी के प्रवक्ता शादाब तालिबानियों की प्रशंसा कर रहे हैं.    


समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान  ने कहा है कि "अफगानिस्तान में अमेरिका की बादशाहत क्यों?  तालिबान, अफगानिस्तान की ताकत है. तालिबान ने अमेरिका और रूस को वहां पर ठहरने नहीं दिया. तालिबान के नेतृत्व में अफगान के लोग आजादी चाहते हैं."

शफीकुर्रहमान ने यह भी कहा कि तालिबान, अफगानिस्तान को आजाद कर उसे अपने अनुसार चलाना चाहता है, यह उसका आंतरिक मामला है.

पीस पार्टी  के प्रवक्ता शादाब चौहान ने तालिबान को शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया. पीस पार्टी के प्रवक्ता ने ट्वीट में लिखा है कि “तालिबान ने शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता प्राप्त  किया. आशा है कि वह एहकाम ए इलाही निजाम ए मुस्तफा का राज कायम करेंगे, जिसमें किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं होगा. सबको न्याय मिलेगा. हम शांति और न्याय के पक्षधर हैं.”

भाजपा  प्रवक्ता मनीष शुक्ल ने पीस पार्टी के रवैये पर आपत्ति जताई है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया ही सत्ता हस्तांतरण का सबसे अच्छा तरीका है.तालिबान की किसी भी सभ्य समाज में प्रशंसा नहीं की जा सकती. जिस तरह का दृश अफगानिस्तान में इस समय है. वह अत्यंत डरावना है

Follow Us on Telegram

Comments

Also read: पाकिस्तान के पोसे खालिस्तानी संगठन जड़ें जमा रहे अमेरिका में, हडसन इंस्टीट्यूट की रपट ..

kannur-university - सावरकर और गोलवलकर के विचारों से क्यों डर रहे हैं वामपंथी?

सावरकर के “हिंदुत्व: कौन एक हिंदू है”, और गोलवलकर के “बंच ऑफ थॉट्स” और “वी ऑर अवर नेशनहुड डिफाइंड”, दीनदयाल उपाध्याय के “एकात्म मानववाद” और बलराज मधोक के “भारतीयकरण: क्या, क्यों और कैसे” जैसे विचारों से वामपंथी शिक्षाविद घबराने लगे हैं...

#kannuruniversity #savarkar #Golwarkar

Also read: हक्कानी से जान का खतरा जान, मुल्ला बरादर काबुल से गया कंधार ..

कंधार में तालिबान के विरुद्ध प्रचंड प्रदर्शन, सैन्य बस्तियां खाली करने के फरमान के विरोध में गर्वनर हाउस के बाहर जमा हुए हजारों लोग
बेटे से 'पाकिस्तान जिंदाबाद' का नारा लगवाने वाला गया जेल

शरिया की स्याही बनाम परिधान अफगानी, विदेशों में बसीं अफगान महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में साझा कीं तस्वीरें

वेब डेस्क   तालिबान के बुर्के, हिजाब के फरमान के विरुद्ध पारंपरिक अफगानी परिधानों में अपनी एक से एक तस्वीरें साझा कीं। तालिबानी मुल्लाओं और उनकी मध्ययुगीन सोच के विरुद्ध यह अनोखा विरोध प्रदर्शन दुनियाभर के लोगों को रास आ रहा है। उन्होंने इन महिलाओं के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। स्वाभिमानी अफगान महिलाओं ने शरीयती तालिबान और उनके हिजाब व बुर्के के फरमान की धज्जियां उड़कर रख दी हैं। विदेशों में बसीं अनेक अफगान महिलाएं 13 सितम्बर को सोशल मीडिया पर छाई रहीं। उन्होंने तालि ...

शरिया की स्याही बनाम परिधान अफगानी, विदेशों में बसीं अफगान महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में साझा कीं तस्वीरें