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विश्व

पाकिस्तानी तालिबान की खुली धमकी-'अब बदलेंगे काफिर व्यवस्था, पश्तूनों की आजादी तक चलेगी जंग'

WebdeskAug 23, 2021, 02:08 PM IST

पाकिस्तानी तालिबान की खुली धमकी-'अब बदलेंगे काफिर व्यवस्था, पश्तूनों की आजादी तक चलेगी जंग'
मौलवी फकीर मोहम्मद (फाइल चित्र)


‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ बेहद जोश में है, उसमें जैसे नई ताकत आ गई है। लेकिन ऐसे बयान इमरान हुकूमत के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है



तालिबान द्वारा अफगान जेल से छोड़े गए इस्लामी जिहादियों में से एक पाकिस्तानी तालिबान के नेता फकीर मोहम्मद ने पाकिस्तान सरकार के सामने यह कहकर मुसीबत खड़ी कर दी है कि 'अब पाकिस्तान में 'काफिर व्यवस्था' बदलने का वक्त आ गया है।'

पाकिस्तानी तालिबान ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ का नेता मौलवी फकीर तालिबान के अफगानिस्तान में छा जाने से बेहद जोश में है, उसका गुट ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ में जैसे नई ताकत आ गई है। लेकिन पाकिस्तान की इस जिहादी तंजीम का यूं खुश होना, ऐसे बयान देना वहां की इमरान हुकूमत के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। लोग दबी जबान में बात करने लगे हैं कि क्या अब पाकिस्तान में भी तालिबानी हुकूमत होगी!


पाकिस्तानी तालिबान के सरगना फकीर मोहम्मद ने साफ कहा कि वक्त आ पहुंचा है, जब पाकिस्तान में ‘काफिर व्यवस्था’ को बदलना होगा। फकीर से पहले इसी जिहादी गुट के एक और नेता ने सीएनएन चैनल से बात करते हुए पाकिस्तानी अफसरों के विरुद्ध जंग की चेतावनी दी थी। उसने कहा था, पश्तूनों के आजाद होने तक हथियारबंद जंग चलती रहेगी।



उल्लेखनीय है कि फकीर मोहम्मद वही जिहादी है जिसे तालिबान ने पिछले दिनों अफगान जेलों से  छोड़े 2300 कैदियों के साथ रिहा किया था। उसने छूटते ही तालिबान की शान में कसीदे काढ़ने शुरू कर दिए थे। जेल से छूटकर फकीर ने अपने लोगों के सामने लंबा—चौड़ा भाषण दिया था। इसमें पाकिस्तानी तालिबान के सरगना फकीर मोहम्मद ने अपने जिहादियों से साफ कहा था कि अब वक्त आ पहुंचा है, जब पाकिस्तान में ‘काफिर व्यवस्था’ को बदलना होगा, इसमें पूरी ताकत लगानी होगी। फकीर से पहले इसी जिहादी गुट के एक और नेता ने अमेरिका के सीएनएन चैनल से बात करते हुए पाकिस्तानी अफसरों के विरुद्ध जंग की चेतावनी दी थी। तब उसने कहा था, पश्तूनों के आजाद होने तक हथियारबंद जंग चलती रहेगी। इन सब घटनाक्रमों से इमरान की हुकूमत की पेशानी पर बल पड़ना स्वाभाविक ही है।

तालिबान ने पिछले हफ्ते अफगानिस्तान की तमाम जेलों, जैसे कंधार, बगराम तथा काबुल की जेलों से जिन 2300 कैदियों को छोड़ा है उनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, अलकायदा तथा इस्लामिक स्टेट के कई बड़े सरगना शामिल हैं। इन्हीं में से एक था मौलवी फकीर मोहम्मद। फकीर के छूटने पर इसे अफगानिस्तान के साथ ही पाकिस्तान के लिए भी एक बड़ा खतरा बताया गया था।

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