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राज्य

असम सरकार का ड्रग तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान, अलगाववाद की टूटेगी कमर

WebdeskAug 13, 2021, 02:54 PM IST

असम सरकार का ड्रग तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान, अलगाववाद की टूटेगी कमर


असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने ड्रग तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में राज्य में तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है।




असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने ड्रग तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में राज्य में तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। राज्य प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस साल आठ अगस्त तक 1449 मामलों में 2418 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 2018 में 455 मामलों में 694 ड्रग तस्कर, 2019 में 826 मामलों में 1226 ड्रग तस्कर और 2020 में 980 मामले में 1652 ड्रग तस्कर गिरफ्तार किये गए थे। इसी तरह 2018 के पूरे साल की तुलना में इस साल सात महीने में ही पांच गुना से अधिक हेरोइन, अफीम और अन्य मादक पदार्थ बरामद किये जा चुके हैं।



खबरों के अनुसार पिछले कई दशकों में असम ड्रग्स की तस्करी के लिए म्यांमार, लाओस और थाइलैंड के गोल्डन ट्राइंगल के रास्ते भारत में भेजे जाने वाले ड्रग का मुख्य अड्डा बन गया है। असम में म्यांमार से मणिपुर के रास्ते, मिजोरम और नागालैंड के रास्ते ड्रग पहुंचता है और फिर यहीं से पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों इसे पहुंचाया जाता है। बता दें कि सीमा से सटे म्यांमार के इलाके में विभिन्न अलगाववादी गुटों के सक्रिय कैंप तस्करों की मदद करते हैं।

खबर यह भी है कि यहां आने वाले कुल ड्रग की 25 फीसद खपत अकेले पूर्वोत्तर राज्यों में होती है जबकि शेष 75 फीसदी भारत के दूसरे भागों में पहुंचाई जाती है। राज्य में हो रही ड्रग तस्करी पर विशेष पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने कहते हैं कि असम सरकार ड्रग तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत है और इस पर पूरी तरह से नकेल लगाने तक हमारा अभियान जारी रहेगा।सुरक्षा एजेंसियों के अलगाववादी संगठनों की फंडिंग का मुख्य जरिया ड्रग्स, हथियार और मानव तस्करी है। असम और मिजोरम की सीमा पर खूनी झड़प के पीछे असली वजह असम के इस अभियान को भी माना जा रहा है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसके खुलकर संकेत भी दिए थे।

 



गौरतलब है राज्य प्रशासन की सख्ती के चलते ड्रग तस्करों एवं पूर्वोत्तर में सक्रिय अलगाववादी तत्वों में बेचैनी बहुत बढ़ गई है। मिजोरम के साथ सीमा विवाद के दौरान गोलियां बरसाकर असम पुलिस के पांच जवानों की हत्या के पीछे इन्हीं ड्रग तस्करों और अलगाववादियों को जिम्मेदार माना जा रहा है।

 

Comments
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Anonymous
on Aug 15 2021 16:27:54

हावड़ा गुवाहाटी रेल के जड़िये भी ड्रग्स पहुंतते है दक्षिणेशवर स्टेशन उसके आसपास के स्टेशनों पर माल उतार लिया जाता है।इसमें रेलवे कर्मचारी भी शामिल है बुकिंग ऐजेंट हवाई सेवा के रास्ते चल रहा था कुछ तस्कर बुकिंग एजेंट वापस गुवाहाटी एयरपोर्ट से कोलकाता एयर शिफ्ट हुआ

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