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अमेरिका ने किए अफगान सरकार के सभी खाते सील, उन्मादी तालिबान को आर्थिक चोट पहुंचाने की तैयारी

WebdeskAug 18, 2021, 04:20 PM IST

अमेरिका ने किए अफगान सरकार के सभी खाते सील, उन्मादी तालिबान को आर्थिक चोट पहुंचाने की तैयारी
काबुल में काबिज तालिबानी। (प्रकोष्ठ में) अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट एल. येल


अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट एल. येलन तथा ट्रेजरी विभाग के अधिकारियों ने यह फैसला लिया है। इस फैसले से अमेरिका के बैंकों में जमा करोड़ों डॉलर फिलहाल तालिबान की पहुंच के बाहर हो गए हैं



खबर है कि अमेरिका की जो बाइडन सरकार ने अफगानिस्तान सरकार से जुड़े सभी खातों को सील कर दिए हैं। वहां बाइडन प्रशासन ने गत 15 अगस्त को अमेरिका के बैंक मेें चल रहे अफगान सरकार के इन खातों को सील कर दिया है। खातों को सील करने का यह फैसला वित्त मंत्री जेनेट एल. येलन तथा ट्रेजरी विभाग के अधिकारियों ने लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी सरकार के इस फैसले से अमेरिका के बैंकों में जमा करोड़ों डॉलर फिलहाल तालिबान की पहुंच के बाहर हो गए हैं। बता दें कि सत्ता पलट से पहले भी गरीब देशों में गिना जाने वाला अफगानिस्तान को अमेरिका की काफी आर्थिक मदद मिलती रही थी। लेकिन अब खातों पर रोक के बाद वहां नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट है कि, बाइडन प्रशासन ने बीते रविवार को अमेरिकी बैंक खातों में जमा अफगान सरकार के पैसों को 'फ्रीज' कर दिया है। एक अधिकारी ने अखबार को बताया है कि अमेरिका के बैंकों में जमा अफगानिस्तान सरकार की कैसी भी केंद्रीय संपत्ति तालिबान के सुपुर्द न करने का फैसला लिया गया है।


द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट है कि, बाइडन प्रशासन ने बीते रविवार को अमेरिकी बैंक खातों में जमा अफगान सरकार के पैसों को 'फ्रीज' कर दिया है। एक अधिकारी ने अखबार को बताया है कि अमेरिका के बैंकों में जमा अफगानिस्तान सरकार की कैसी भी केंद्रीय संपत्ति तालिबान के सुपुर्द न करने का फैसला लिया गया है। 

 


16 अगस्त को ही राष्ट्रपति बाइडन ने अफगानिस्तान को आर्थिक मदद जारी रखने का वादा किया था। बाइडन ने अपने भाषण में कहा था, ‘हम अफगानियों का समर्थन करते रहेंगे। हम हमारी कूटनीति, दुनिया में अपने प्रभाव और मानवीय सहायता के साथ खड़े रहेंगे।’

अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष के आंकड़े देखें तो, अप्रैल 2021 तक अफगानिस्तान सेंट्रल बैंक में 9.4 अरब डॉलर की जमा संपत्ति है। यह राशि देश के आर्थिक उत्पादन की लगभग एक तिहाई है। जानकारों ने बताया है कि इस जमा पूंजी में से अधिकांश अफगानिस्तान में नहीं है। इस अनुदान का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका के बैंकों में है।
 

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