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इमरान की नजदीकी पाकिस्तानी नेता की जहरीली सोच, कहा-‘तालिबान हमारे लिए भारत से जीत लेगा कश्मीर’

WebdeskAug 24, 2021, 12:00 AM IST

इमरान की नजदीकी पाकिस्तानी नेता की जहरीली सोच, कहा-‘तालिबान हमारे लिए भारत से जीत लेगा कश्मीर’
'बोल टीवी' की बहस में (बाएं से दूसरी) नीलम इरशाद शेख


अफगानिस्तान में बर्बर इस्लामी आतंकी गुट तालिबान के चढ़ बैठने से पाकिस्तानी नेताओं की कैसी बांछें खिल रही हैं इसका उदाहरण एक पाकिस्तानी चैनल पर बहस में सामने आया है


तालिबान को अफगानिस्तान में औरतों और बच्चों पर बर्बर जुल्म करते देखकर खींसें निपारे रहे पाकिस्तान के शेख जैसे नेता अमन और खुशहाली जैसे शब्दों से अनजान हैं। वे खुश हैं कि अफगानिस्तान में 'इस्लामवादी' तालिबान चढ़ बैठे हैं। उन्हें लग रहा है जैसे तालिबान उन्हीं के सगे-संबंधी हैं। पाकिस्तानी नेताओं के बयानों में यह भाव साफ झलकता है। पीटीआई की नेता नीलम शेख का उक्त बयान पाकिस्तानी राजनीतिकों की मंशा को साफ कर देता है। पीटीआई नेता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान हर तरह से तालिबान के साथ है।

शेख ने कहा है कि तालिबान लौटकर आएगा। वह कश्मीर को जीतेगा और फिर उसे पाकिस्तान को सौंप देगा। याद रहे, यह महिला नेता इमरान की पार्टी से है। एक पाकिस्तानी चैनल 'बोल टीवी' पर बहस में बोलते हुए शेख ने आगे कहा कि 'तालिबान ने उनसे कहा है, वे हमारे साथ हैं। वे कश्मीर को जीतकर हमें देंगे।' एंकर ने उस नेता से पूछा भी कि किसने आपसे कहा कि कश्मीर आपको दे देंगे? इस पर नीलम बोलीं,''भारत ने हमें बांटा है, हम फिर एक होंगे। हमारी फौज दमदार है। सरकार के पास ताकत है। तालिबान हमारे साथ है। पाकिस्तान ने उनका साथ दिया तो अब वे हमारा साथ देंगे।''

शेख ने कहा है कि तालिबान लौटकर आएगा। वह कश्मीर को जीतेगा और फिर उसे पाकिस्तान को सौंप देगा। याद रहे, यह महिला नेता इमरान की पार्टी से है। पाकिस्तानी चैनल पर बहस में बोलते हुए शेख ने आगे कहा कि 'तालिबान ने उनसे कहा है, वे हमारे साथ हैं। वे कश्मीर को जीतकर हमें देंगे।'

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान पर तालिबान की मदद करने के आरोप लगते रहे हैं। अमेरिका के एक सांसद का कहना है कि पाकिस्तान और उसकी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई की वजह से तालिबान वापस लौटा है। कांग्रेसमैन स्टीव ने कहा है, ''सबको पता है कि पाकिस्तान और उसकी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई ने ही सबसे ज्यादा भूमिका निभाई है तालिबान को बढ़ावा देने में। उनकी ही मदद से तालिबान ने अफगानिस्तान पर फिर से कब्जा किया है।''  स्टीव ने आगे कहा कि इस्लामाबाद को तालिबान की जीत का जश्न मनाते देख कर गुस्सा आ रहा है। जबकि लोगों को समझना चाहिए कि तालिबान के वापस आने से अफगानी लोगों पर अत्याचार बढ़ जाएंगे।

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